16 August, 2015

एक बार एक बहुत ही प्रसिद्द वक्ता एक सेमिनार में आये. और अपने जेब में से 500 रुपये का नोट निकला.और सामने बैठे 200 लोगों से पूछा की ये 500 का नोट कौन कौन चाहता हैं


एक बार एक बहुत ही प्रसिद्द वक्ता एक सेमिनार में आये. और अपने जेब में से 500 रुपये का नोट 
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निकला.और सामने बैठे 200 लोगों से पूछा की ये 500 का नोट कौन कौन चाहता  हैं.करीब करीब सभी के हाथ ऊपर उठ गए.फिर उन्होंने कहा की मैं अंत में ये 500 का नोट किसी को दूंगा. पर

15 August, 2015

महज 50 रुपए से शुरू हुई कंपनी वर्तमान में डिजिटल मार्केटिंग

कॉलेज की पढ़ाई के साथ जॉब स्किल्स सीखने के लिए अभिषेक ने सेल्समैन की जॉब की। लेकिन आईटी में दिलचस्पी के चलते उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना कॅरिअर बनाने का मन बनाया। कारोबार के शुरुआती अनुभव बुरे रहे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और छोटी सी रकम से कारोबार की नींव रखकर उसे मजबूत मुकाम तक पहुंचाया।
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महज 50 रुपए से शुरू हुई कंपनी वर्तमान में डिजिटल मार्केटिंग, क्लाउड एंड वेब एप्लीकेशन और एंटरप्राइज मोबिलिटी जैसी सेवाएं प्रदान कर 40 करोड़ का टर्नओवर हासिल कर चुकी है।
कोलकाता के कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले अभिषेक ने आंत्रप्रेन्योरशिप का सफर तब शुरू किया जब वे सिर्फ 19 वर्ष के थे। इसकी शुरुआत कॉलेज के दिनों से हुई। दरअसल, कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से कॉमर्स (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन के साथ जॉब स्किल्स सीखने के लिए अभिषेक ने सिटीबैंक

14 August, 2015

माइक्रोसॉफ्ट की जमी-जमाई नौकरी छोड़कर कैब कंपनी OLA स्थापित की।

यह कहानी एक ऐसे आईआईटी पासआउट की है जिसने माइक्रोसॉफ्ट की जमी-जमाई नौकरी छोड़कर कैब कंपनी OLA स्थापित की। दिलचस्प यह भी है कि जिसकी कैब से 70 शहरों में लोग सफर करते हैं, उसने खुद के लिए कार नहीं खरीदा है।
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आईआईटी मुंबई के कम्प्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग ग्रैजुएट (बीटेक) भाविश अग्रवाल ने 2010-11 में ओला कैब्स की स्थापना की तो परिवार और दोस्तों ने उन्हें ‘क्रेजी’ कहा। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च

13 August, 2015

कैसे बानी FlipKart कम्पनी और क्या था पहला Product.

बुक्‍स का बिजनेस करने वालों ने खड़ी की लगभग  12,000  करोड़ रुपए की कंपनी ई-कामर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के जरिए लाखों यूजर्स और सेलर्स प्रोडक्‍टस की ऑनलाइन शॉपिंग और सेलिंग करते हैं। लगभग 12,000 करोड़ रुपए  की कंपनी बन चुकी फ्लिपकार्ट के यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्‍प है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इतनी बड़ी कंपनी खड़ी करने के पीछे किसी बड़े कारोबारी का हाथ नहीं है, बल्‍कि कभी बुक्‍स सेलिंग का बिजनेस करने वाले दो लोगों ने अपनी मेहनत से इसे खड़ा किया है। आइए जानते हैं इस कंपनी का पूरा सफर 


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1 . ऐसे बनी फ्लिपकार्ट
कंपनी की नींव रखने वाले दो दोस्‍त सचिन बंसल और बिन्‍नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्‍ली में हुई थी। आईआईटी ग्रैजुएट दोनों दोस्तों ने पासआउट होने के बाद तकरीबन एक साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर को देखते हुए दोनों ने अमेरिकी

28 July, 2015

कैसे बना एक तांगेवाला अरबपति जी हां MDH किंग

नमस्कार दोस्तों आज आप को मैं MDH मसले की सक्सेस स्टोरी बताने जा रहा हूँ !
की कैसे बना एक तांगेवाला अरबपति जी हां MDH किंग कहे जाने वाले आदमी पहले तांगा चलाया करता था

महाशय धरमपाल हट्टी(M.D.H), आज ये नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है|
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मसाला किंग(M.D.H) के नाम से मशहूर महाशय जी आज सफलता की बुलंदियों पर हैं, लेकिन इस सफलता के पीछे एक बहुत सघर्ष भरी कहानी है|इनका जन्म

27 July, 2015

कैसे शुरुआत की Nirma कंपनी और बने अरबपति ?

 *हम आज आपको जिस आदमी के बारे में बताने जा रहे हैं आप ने  उनका नाम सुना हो या ना सुना हो लेकिन कभी कंपनी का नाम अपने सुना ही होगा। उनकी कंपनी का नाम हैं। 
सबकी पसंद निरमा। वार्सिंग पाउडर निरमा..निरमा..!!


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कर्सनभाई पटेल एक किसान के बेटे, और इन्होने केमेस्ट्री में BSC की थी। गुजरात के एक शहर अहमदाबाद में इन्होने अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी सैलरी इतनी  

26 July, 2015

एक अदभुत कहानी Why Help ?

* जब भी मैं कुछ ऐसा पढ़ता हूँ, देखता हूँ या सुनता हूँ। जो मुझे लगता है की मेरी और आपकी लाइफ के लिए जरुरी है, तो आपसे शेयर किये बिना मुझसे रुका नहीं जाता है।
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*एक बार एक किसान और उसकी बीवी एक डिब्बा खोल रहे होते है. उस समय एक चूहा एक सुरंग में से उनको देख रहा होता है की इस डिब्बे में क्या होगा खाने के लिए और उस चूहे की ख़ुशी एक दम डर में बदल जाती है जब वो देखता है कि इस डिब्बे के अंदर चूहा दानी है, और वो किसान उस चूहे दानी को चूहा पकड़ने के लिए घर में लगा देता है।
वो चूहा परेशान हो जाता है, डर जाता है कि घर में चूहा दानी लग गयी है. वो उसी वक़्त बाकी जानवरों के पास जाता है अपनी परेशानी को लेकर, सबसे पहले वो मुर्गी के पास जाता है।

25 July, 2015

कैसे बनी फेसबुक ? Mark Zuckerberg की Biography

*सोशल नेटवर्किंग साइट  Facebook के CO-founder और CEO Mark Zuckerberg आज दुनिया के सबसे बड़े यॉन्स्टर  अरबपती  में से एक है।
Mark zuckerberg ने सोशल नेटवर्किंग साइट Facebook को अपने कॉलेज हॉस्टल के कमरे में ही बनाई थी। जैसे ही facebook पर 250 Millions से ज्यादा यूजर बढ़ने शुरू हुए तबसे Mark Zuckerberg Billionaire बन गये। और इसके साथ ही एक फिल्म “The Social Network” के नाम से Facebook की Biography पर बन गई। और आज Facebook दुनिया की सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली Social Networking साईट है। 
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Mark Zuckerberg का जन्म White plains, New York में 14 मई 1984 को हुआ था। मार्क के पिता Edward Zuckerberg, एक

24 July, 2015

कैसे बनाया WhatsApp और बने खरबपति ?

* क्या आपको पता है कि WhatsApp 2009 में शुरू हुआ और आज की तारीख में 45 करोड़ लोग उसको उपयोग करते है। 
इस WhatsApp के बारे में कुछ प्रेरक है। आइये थोड़ा पीछे जाते हैं और इतिहास पे चलते हैं। मिस्टर ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) जो के  WhatsApp के CO-founder हैं उन्होंने 2009 में जॉब के लिए फेसबुक में अप्लाई किया। वो फेसबुक कंपनी में जॉब करना चाहते थे। लेकिने फेसबुक ने उनको रिजेक्ट कर दिया। उन्होंने ट्विटर पर भी कोशिश की, और उनको ट्विटर से भी रिजेक्ट कर दिया गया।
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* जब जिंदगी में कोई रिजेक्ट कर देता है तो बहुत सारे लोग हार मान लेते है। या फिर अपनी योग्यता पे, अपने प्रतिभा (टैलेंट) पर ही शक करना शुरू कर देते हैं। कोई रिजेक्ट कर दे तो परेशान हो जाते हैं और तनाव में आ जाते हैं।

* पर ब्रायन ऐक्टन को खुद पे विश्वास था। कुछ कर दिखने की इच्छा थी, खुद को साबित करने की आग थी। उन्होंने हार मानने की जगह, परेशान होने की जगह अपने दोस्त के साथ मिलकर दिन रात मेहनत 

23 July, 2015

खड़ा किया हजारों करोड़ का Business

दोस्तों आज मैं आप को Just Dial की सक्सेस स्टोरी के बारे में बताऊंगा की कैसे 50,000 की पूंजी लगाकर खरा किया करोड़ों का बिज़नस ! और किसने किया ऐसा उसका के बारे में  कुछ बाते !

*  क्या आप कई धंधों में फेल होने के बाद 50 हजार रुपये की पूंजी लगाकर हजारों करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनी खड़ी करने का सपना देख सकते हैं? वीएसएस मणि, ये नाम है उस सख्श का जिसने देश के युवाओं के लिए एक मिशाल पेश की है और बताया कि कैसे कठिन संघर्षो के बावजूद भी सफलता हासिल की जाती है ! जी हा वीएसएस मणि Just Dial  कंपनी के मालिक हैं और कलकत्ता के रहने वाले हैं । Just Dial  आज 900 करोड़ की कंपनी है जिसमें हजारों कर्मचारी काम करते हैं।
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* एक समय था जब वीएसएस मणि जी कठिन संघर्षों से गुजर रहे थे। बहुत कोशिशों के बावजूद भी कोई कार्य सफल नहीं हो पा रहा था और फिर  Just Dial की शुरूआात की और उनकी